ऑपरेशन विश्वास (Operation Vishwas): दिल्ली पुलिस ने तकनीक से 1,000 खोए फोन मालिकों तक पहुंचाए!

January 1, 2026

Operation Vishwas

दिल्ली पुलिस ने हाल ही में “ऑपरेशन विश्वास” के तहत 1,000 से अधिक खोए हुए मोबाइल फोन वापस किए। इस ऑपरेशन के तहत दिल्ली पुलिस ने न सिर्फ चोरी हुए फोन को ट्रैक किया बल्कि उन फोन के मालिकों तक भी उन्हें पहुंचाया। यह ऑपरेशन एक बड़ा कदम साबित हुआ है, जिसमें पुलिस ने तकनीकी मदद का इस्तेमाल करते हुए इस पूरे काम को बहुत ही प्रभावी तरीके से अंजाम दिया।

इस बड़े कार्यक्रम के लिए 70 से ज़्यादा पुलिस टीमें शहर और आसपास के इलाकों में तैनात की गईं, ताकि खोए या चोरी हुए फोन को ट्रैक, ढूंढकर मालिक तक पहुंचाया जा सके। इसके साथ ही पुलिस ने एक साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान भी चलाया, जिसमें लोगों को ऑनलाइन फ्रॉड से सावधान रहने और Sanchar Saathi ऐप का इस्तेमाल करने के बारे में बताया गया।

अंतरराष्ट्रीय फोन स्मगलिंग रैकेट का भंडाफोड़

इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क का भी खुलासा किया था, जिसमें चोरी किए गए फोन को बांग्लादेश तक तस्करी करके भेजा जा रहा था

पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़ा —

  • समीर (28)
  • सलमान (28)
  • दिलशाद यासिन कुरैशी (33)
  • आयान (28)

समीर को इस रैकेट का मास्टरमाइंड माना जाता है। उसने चोरी किए गए महंगे फोन के सिक्योरिटी फीचर बायपास करने के लिए औज़ार जुटाए और हर फोन के लिए ₹1,500 तक चार्ज करता था। इसके जरिए पुलिस ने 42 चोरी/ स्नैचिंग मामलों को भी हल किया।

ऑपरेशन विश्वास का उद्देश्य

ऑपरेशन विश्वास का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में खोए हुए और चोरी हुए मोबाइल फोन की पहचान कर उन्हें उनके असली मालिकों तक वापस पहुंचाना था। खास बात यह है कि इस ऑपरेशन में पुलिस ने सिर्फ पारंपरिक तरीके का इस्तेमाल नहीं किया बल्कि CEIR पोर्टल (Central Equipment Identity Register) का भी भरपूर इस्तेमाल किया।

CEIR पोर्टल के जरिए दिल्ली पुलिस ने खोए हुए मोबाइल फोन को ट्रैक किया। इस पोर्टल के माध्यम से मोबाइल फोन का IMEI नंबर जांचा जा सकता है और इससे यह पता चलता है कि फोन कहाँ है। इससे पुलिस को काफी मदद मिली और उन्होंने अपने ऑपरेशन में इस तकनीक का बहुत ही कारगर तरीके से इस्तेमाल किया।

CEIR पोर्टल कैसे काम करता है?

CEIR पोर्टल एक सरकारी ऑनलाइन सेवा है, जो खोए या चोरी हुए फोन को ब्लॉक करने और ट्रैक करने में मदद करता है। जब कोई व्यक्ति अपना फोन खो देता है या चोरी हो जाता है, तो वह CEIR पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकता है। इस पोर्टल पर फोन के IMEI नंबर के आधार पर उसकी ट्रैकिंग की जाती है, और यह पता चलता है कि फोन कहां है। इसके बाद, फोन को ब्लॉक कर दिया जाता है ताकि कोई भी व्यक्ति उसे दोबारा इस्तेमाल न कर सके।

इस तकनीक का इस्तेमाल करके दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशन विश्वास के दौरान 1,000 से अधिक मोबाइल फोन को उनके मालिकों तक पहुंचाया। यह दिखाता है कि तकनीक का सही उपयोग अपराध को नियंत्रित करने में कितना प्रभावी हो सकता है।

ऑपरेशन विश्वास का असर

ऑपरेशन विश्वास के परिणामस्वरूप दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की। खोए हुए मोबाइल फोन को वापस करना न सिर्फ पुलिस की कुशलता को दिखाता है, बल्कि यह एक संदेश भी देता है कि अगर नागरिक अपनी खोई हुई वस्तु के बारे में सही जानकारी प्रदान करें, तो वह जल्द ही उसे वापस पा सकते हैं।

यह ऑपरेशन पुलिस और नागरिकों के बीच एक विश्वास स्थापित करता है। जब लोग देखेंगे कि पुलिस तकनीकी मदद से उनकी खोई हुई चीजों को वापस लाने में मदद कर रही है, तो उनका विश्वास पुलिस पर और बढ़ेगा। इससे भविष्य में चोरी के मामलों में भी कमी आ सकती है, क्योंकि लोग जानते हैं कि उनकी खोई हुई चीजों को ट्रैक किया जा सकता है।

दिल्ली पुलिस की टेक्नोलॉजी के प्रति सोच

दिल्ली पुलिस का यह कदम यह साबित करता है कि तकनीकी उपकरणों का सही उपयोग अपराधों के समाधान में कितना सहायक हो सकता है। इसके अलावा, ऑपरेशन विश्वास ने यह भी दिखाया कि पुलिस अब अपनी कार्यप्रणाली में डिजिटल तकनीकों को बढ़ावा दे रही है। इससे अपराधियों को पकड़ने के तरीके और तेज हो गए हैं, और आम नागरिकों के लिए यह एक सुरक्षा का एहसास भी है।

आज के समय में जहां डिजिटल अपराध और चोरी के मामले बढ़ते जा रहे हैं, दिल्ली पुलिस जैसे संगठनों का इस तरह से तकनीक का उपयोग करना एक आदर्श बनता जा रहा है। यह कदम अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण हो सकता है कि कैसे पुलिस डिजिटल टूल्स और प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकती है, ताकि नागरिकों की सुरक्षा को और बढ़ाया जा सके।

निष्कर्ष

ऑपरेशन विश्वास एक बेहतरीन उदाहरण है कि किस तरह से तकनीकी मदद से खोए हुए सामान को वापस किया जा सकता है। दिल्ली पुलिस ने CEIR पोर्टल का इस्तेमाल कर इस ऑपरेशन को सफल बनाया। यह न केवल पुलिस की कड़ी मेहनत को दिखाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि तकनीकी उपकरणों का सही तरीके से इस्तेमाल करके अपराधों को नियंत्रित किया जा सकता है।

इस ऑपरेशन से यह भी सिखने को मिलता है कि अगर हम सब मिलकर सही जानकारी और तकनीकी साधनों का इस्तेमाल करें, तो हम एक सुरक्षित और स्मार्ट समाज की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।

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