दिल्ली में 26 जनवरी 2026 को होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर इस बार ट्रैफिक पुलिस ने कुछ अलग और खास तैयारी की है। पहली बार इतने बड़े स्तर पर AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से ट्रैफिक और पार्किंग को संभालने का प्लान बनाया गया है। इसका मकसद साफ है, परेड देखने आने वाले लोगों को जाम में फँसने से बचाना और आवाजाही को आसान बनाना।
हर साल गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के कई इलाकों में भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम देखने को मिलता है। इस बार ट्रैफिक पुलिस ने पहले से तैयारी कर ली है ताकि लोग बिना परेशानी के अपने तय रास्ते और पार्किंग तक पहुँच सकें।
AI वीडियो से मिलेगी पहले से जानकारी
इस बार ट्रैफिक पुलिस ने AI से बने एनिमेटेड वीडियो तैयार किए हैं। इन वीडियो में साफ-साफ बताया गया है कि 26 जनवरी को कौन-से रास्ते खुले रहेंगे, कहाँ से एंट्री मिलेगी और किस जगह वाहन पार्क करने हैं। ये वीडियो आम लोगों को पहले से ही समझा देते हैं कि उन्हें किस रूट से आना-जाना है। इससे फायदा यह होगा कि लोग मौके पर पहुँचकर कन्फ्यूज़ नहीं होंगे और ट्रैफिक को लेकर अफरा-तफरी भी कम होगी।
QR-कोड से स्मार्ट पार्किंग सिस्टम
इस बार पार्किंग को भी स्मार्ट बनाया गया है। ट्रैफिक पुलिस ने QR-कोड आधारित पार्किंग सिस्टम लागू किया है। जो लोग परेड देखने आएंगे, वे QR-कोड स्कैन करके जान पाएंगे कि उनकी गाड़ी के लिए कौन-सी पार्किंग तय की गई है और वहाँ कैसे पहुँचना है।
दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में कई पार्किंग ज़ोन बनाए गए हैं, जहाँ हजारों गाड़ियों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा किया जा सकेगा। इससे सड़क पर खड़ी गाड़ियों की समस्या काफी हद तक कम होगी।
Car-Calling सिस्टम से आसान निकास
परेड खत्म होने के बाद सबसे बड़ी परेशानी होती है पार्किंग से बाहर निकलने की। इसे आसान बनाने के लिए इस बार Car-Calling सिस्टम इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें पार्किंग स्टाफ सार्वजनिक घोषणा के ज़रिए गाड़ियों के नंबर या पहचान की जानकारी देगा।
इससे सभी लोग एक साथ अपनी गाड़ी निकालने की कोशिश नहीं करेंगे और धीरे-धीरे व्यवस्थित तरीके से पार्किंग खाली हो सकेगी।
हेल्प डेस्क और ज़मीनी मदद
AI और डिजिटल सिस्टम के साथ-साथ इस बार ज़मीनी स्तर पर भी इंतज़ाम किए गए हैं। अलग-अलग जगहों पर हेल्प डेस्क लगाए गए हैं, जहाँ ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारी लोगों को रास्ता, पार्किंग और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी देंगे।
अगर किसी को दिशा समझने में दिक्कत हो या कोई सवाल हो, तो वह सीधे इन हेल्प डेस्क से मदद ले सकता है।
Navigation और कंट्रोल रूम की व्यवस्था
इस बार नेविगेशन ऐप्स के ज़रिए भी सही रास्तों की जानकारी दी जाएगी, ताकि लोग रियल-टाइम में सही रूट चुन सकें। इसके अलावा एक कंट्रोल रूम भी सक्रिय रहेगा, जहाँ से पूरे ट्रैफिक सिस्टम पर नज़र रखी जाएगी। अगर कहीं भीड़ ज्यादा होती है या कोई आपात स्थिति बनती है, तो तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।
गणतंत्र दिवस 2026 में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने साफ दिखा दिया है कि अब बड़े आयोजनों में सिर्फ पुलिस बल ही नहीं, बल्कि AI और टेक्नोलॉजी भी अहम भूमिका निभा रही है। AI वीडियो, स्मार्ट पार्किंग, QR-कोड, Car-Calling सिस्टम और हेल्प डेस्क जैसी सुविधाएँ आम लोगों का सफर आसान बनाने के लिए बनाई गई हैं। अगर ये योजना सही तरीके से लागू होती है, तो इस बार 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।






