नई दिल्ली में इस बार कुछ अलग होने वाला है। 17 फरवरी 2026 को राजधानी में पहली बार AI फिल्म फेस्टिवल आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन India AI Impact Summit 2026 के दौरान होगा। खास बात यह है कि इस फेस्टिवल में ऐसी फिल्में दिखाई जाएंगी जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाई गई हैं। यानी कहानी, विजुअल्स, एडिटिंग या म्यूजिक – हर चीज में AI का इस्तेमाल किया गया है।
क्या है AI फिल्म फेस्टिवल की खास बात
अब तक हम फिल्मों में नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल देखते आए हैं, लेकिन यहां AI खुद फिल्म बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा है। कई फिल्ममेकर AI टूल्स की मदद से स्क्रिप्ट लिख रहे हैं, कैरेक्टर डिजाइन कर रहे हैं और सीन तैयार कर रहे हैं। इस फेस्टिवल में ऐसी ही चुनिंदा फिल्मों को दिखाया जाएगा, ताकि लोग समझ सकें कि आने वाले समय में सिनेमा किस दिशा में जा सकता है।
यह सिर्फ फिल्म दिखाने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि एक ऐसा मंच है जहां क्रिएटिव लोग और टेक एक्सपर्ट एक साथ बैठकर चर्चा करेंगे कि AI कला को कैसे बदल रहा है।
क़ुतुब मीनार के पास होगा आयोजन
इस फेस्टिवल का आयोजन दिल्ली के ऐतिहासिक क़ुतुब मीनार परिसर के पास किया जाएगा। एक तरफ सदियों पुरानी विरासत और दूसरी तरफ भविष्य की टेक्नोलॉजी – यह कॉम्बिनेशन ही इस इवेंट को खास बना देता है। इससे यह संदेश भी जाता है कि भारत अपनी परंपरा के साथ आगे बढ़ते हुए नई तकनीक को अपना रहा है।
पैनल चर्चा और एक्सपर्ट सेशन भी होंगे
फेस्टिवल में सिर्फ फिल्में नहीं दिखाई जाएंगी, बल्कि AI और फिल्ममेकिंग पर खास पैनल चर्चा भी होंगी। फिल्म डायरेक्टर, टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ और स्टार्टअप फाउंडर इस बात पर बात करेंगे कि AI से कंटेंट बनाना कितना आसान हुआ है और इसके क्या फायदे व चुनौतियां हैं।
यहां यह भी चर्चा होगी कि क्या AI भविष्य में पारंपरिक फिल्ममेकिंग को पूरी तरह बदल देगा या फिर यह सिर्फ एक सहायक टूल बनकर रहेगा।
युवाओं के लिए बड़ा मौका
यह आयोजन खास तौर पर युवाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है। आज के समय में कई युवा कंटेंट क्रिएटर AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस फेस्टिवल से उन्हें एक बड़ा प्लेटफॉर्म मिलेगा जहां वे अपनी क्रिएटिविटी दिखा सकेंगे।
इसके साथ ही यह इवेंट यह भी दिखाता है कि भारत सिर्फ टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता नहीं, बल्कि इनोवेशन का हिस्सा भी बन रहा है।
AI और कला का नया संगम
India AI Impact Summit 2026 का मकसद ही यह है कि AI को सिर्फ टेक्निकल विषय न मानकर समाज, संस्कृति और कला से भी जोड़ा जाए। AI फिल्म फेस्टिवल इसी सोच का हिस्सा है। इससे यह साफ है कि आने वाले समय में फिल्म इंडस्ट्री में AI का रोल और बढ़ने वाला है।
कुल मिलाकर, दिल्ली में होने वाला यह पहला AI फिल्म फेस्टिवल एक नई शुरुआत की तरह है। यह दिखाता है कि तकनीक सिर्फ मशीनों तक सीमित नहीं है, बल्कि अब वह कहानियों, भावनाओं और रचनात्मकता का भी हिस्सा बन चुकी है।





