भारत में इंटरनेट सस्ता करने का बड़ा क्रेडिट अगर किसी कंपनी को जाता है, तो वो है जियो। जब जियो ने सस्ता डेटा लॉन्च किया था, तब पूरे टेलीकॉम मार्केट की तस्वीर बदल गई थी। अब जियो एक बार फिर वैसा ही बदलाव लाने की तैयारी में है, इस बार AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सस्ता और आम लोगों तक पहुंचाने की दिशा में।
जियो प्लेटफॉर्म्स के ग्रुप CEO मैथ्यू ओमेन ने हाल ही में एक बातचीत में बताया कि कंपनी चाहती है कि AI का इस्तेमाल उतना ही आसान और किफायती हो जाए, जितना आज मोबाइल डेटा है। उनका कहना है कि आने वाले समय में AI सिर्फ बड़ी कंपनियों या टेक एक्सपर्ट्स तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आम लोग, स्टार्टअप्स और छोटे बिज़नेस भी इसे आसानी से इस्तेमाल कर पाएंगे।
AI Tokens क्या होते हैं?
AI की दुनिया में एक शब्द बहुत सुनने को मिलता है- AI टोकन। सरल भाषा में समझें तो जब भी आप किसी AI टूल का इस्तेमाल करते हैं, जैसे चैटबॉट से सवाल पूछना, इमेज बनाना या डेटा एनालिसिस करना, तो उस प्रोसेस में कुछ डिजिटल यूनिट्स खर्च होती हैं। इन्हें ही टोकन कहा जाता है।
अभी ज्यादातर AI सर्विसेज़ में यह काफी महंगा पड़ता है, खासकर जब बड़े स्तर पर इस्तेमाल करना हो। यही वजह है कि कई छोटे बिज़नेस और डेवलपर्स AI का फायदा पूरी तरह नहीं उठा पाते।
जियो का प्लान यही है कि इन AI टोकन्स की कीमत कम की जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग AI का इस्तेमाल कर सकें।
डेटा की तरह AI को भी सस्ता बनाना
मैथ्यू ओमेन ने कहा कि जिस तरह जियो ने भारत में डेटा की कीमत कम करके इंटरनेट को हर किसी तक पहुंचाया, उसी तरह कंपनी अब AI की लागत कम करने पर काम कर रही है।
उनका मानना है कि अगर AI सस्ता होगा, तो भारत में इनोवेशन तेजी से बढ़ेगा।
छोटे स्टार्टअप्स नए प्रोडक्ट बना पाएंगे, डेवलपर्स नए AI ऐप्स बना पाएंगे और कई इंडस्ट्रीज में काम करने का तरीका बदल सकता है।
भारत के लिए बड़ा मौका
भारत दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल मार्केट्स में से एक है। यहां करोड़ों लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं और टेक्नोलॉजी तेजी से बढ़ रही है।
अगर AI सच में सस्ता और आसान हो जाता है, तो इसके कई फायदे हो सकते हैं:
- छोटे बिज़नेस अपने काम को ऑटोमेट कर पाएंगे
- स्टार्टअप्स तेजी से नए प्रोडक्ट बना पाएंगे
- शिक्षा, हेल्थकेयर और कृषि जैसे सेक्टर में AI का ज्यादा इस्तेमाल हो सकेगा
- डेवलपर्स को नए AI टूल बनाने का मौका मिलेगा
यानी AI सिर्फ एक हाई-टेक चीज नहीं रहेगा, बल्कि रोजमर्रा के काम का हिस्सा बन सकता है।
जियो की बड़ी सोच
जियो पहले भी बड़े स्तर पर टेक्नोलॉजी को आम लोगों तक पहुंचाने का काम कर चुका है। सस्ता डेटा, सस्ते स्मार्टफोन और डिजिटल सर्विसेज़ के बाद अब कंपनी AI इकोसिस्टम को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।
अगर जियो अपने इस प्लान में सफल हो जाता है, तो भारत में AI का इस्तेमाल कई गुना बढ़ सकता है। इससे देश में नई टेक कंपनियां, नए स्टार्टअप्स और नए डिजिटल समाधान सामने आ सकते हैं।
एक तरह से देखें तो जियो अब डेटा रिवोल्यूशन के बाद AI रिवोल्यूशन की तैयारी कर रहा है।






