Pentagon डील के बाद ChatGPT को झटका, लाखों यूजर्स ने छोड़ा OpenAI

March 7, 2026

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पिछले कुछ दिनों में OpenAI ने एक ऐसा फैसला लिया, जिसने टेक दुनिया में हलचल मचा दी। CEO सैम ऑल्टमैन ने अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) के साथ एक डील साइन किया। इसके चलते ChatGPT के लगभग 1.5 मिलियन सब्सक्राइबर्स ने सिर्फ 48 घंटे में सब्सक्रिप्शन कैंसिल कर दिया।

यूजर्स ने इस कदम को लेकर चिंता जताई कि AI का इस्तेमाल अब सिर्फ ज्ञान बढ़ाने या मदद के लिए नहीं, बल्कि सैन्य और निगरानी उद्देश्यों में भी किया जा सकता है। कई लोग इसे OpenAI पर भरोसा खोने जैसा मान रहे हैं।

Pentagon डील क्या है?

Pentagon डील में OpenAI के AI मॉडल्स को अमेरिकी सेना के कुछ सिस्टम में इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई है। इसका मतलब है कि ChatGPT और उससे जुड़े AI टूल्स का इस्तेमाल सैन्य और सुरक्षा ऑपरेशंस के लिए भी हो सकता है।

यूजर्स का डर यह है कि OpenAI अब पूरी तरह से “सार्वजनिक हित” के लिए काम नहीं कर रहा और तकनीक का इस्तेमाल केवल कुछ बड़े संगठन और सरकार के फायदे के लिए हो सकता है।

Anthropic कंपनी ने क्यों अलग रुख अपनाया

OpenAI से अलग Anthropic नाम की AI कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उनके मॉडल्स का इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए नहीं होगा। यही वजह है कि अब कई यूजर्स Anthropic के Claude AI की ओर शिफ्ट हो रहे हैं।

Anthropic ने यह भी आसान बना दिया है कि कोई यूजर OpenAI से अपना डेटा डाउनलोड कर Claude AI में ट्रांसफर कर सके। इससे लोगों को लगता है कि Anthropic में ज्यादा पारदर्शिता और भरोसा है।

यूजर्स की नाराज़गी के और कारण

Pentagon डील के अलावा OpenAI के कुछ बड़े प्रोजेक्ट्स और डोनेशन्स जैसे Greg Brockman का $25 मिलियन MAGA Inc. को देना भी यूजर्स की नाराज़गी का कारण बना। सोशल मीडिया पर लोग OpenAI के फैसलों की आलोचना कर रहे हैं।

कई लोग मानते हैं कि OpenAI ने तकनीक की शक्ति और उसका इस्तेमाल ज्यादा बड़े स्तर पर सोचने की बजाय जल्दबाजी में कदम उठाए हैं। इससे उनके लाखों सब्सक्राइबर्स का भरोसा कमजोर हुआ।

डाटा एक्सपोर्ट और ट्रांसफर ऑप्शन

OpenAI ने यूजर्स के लिए डेटा एक्सपोर्ट का ऑप्शन भी शुरू किया है। अब कोई भी अपना चैट हिस्ट्री डाउनलोड कर सकता है या इसे Anthropic के Claude AI में ट्रांसफर कर सकता है। Anthropic ने इसके लिए स्टेप-बाय-स्टेप गाइड भी उपलब्ध कराई है।

यह कदम यूजर्स को थोड़ा राहत दे रहा है, क्योंकि वे अब अपने डेटा को सुरक्षित रूप से दूसरे प्लेटफॉर्म पर ले जा सकते हैं।

AI के भरोसे और भविष्य पर सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि AI का इस्तेमाल कब तक सिर्फ मदद और ज्ञान बढ़ाने के लिए होगा, और कब यह सैन्य या निगरानी उद्देश्यों के लिए प्रयोग में आएगा। यूजर्स का भरोसा बनाए रखना OpenAI के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।

हालांकि, OpenAI की तकनीक अभी भी काफी पावरफुल और उपयोगी है, लेकिन यह घटना दिखाती है कि तकनीक के साथ भरोसा बनाए रखना आसान नहीं है।

 

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