Nvidia के सीईओ Jensen Huang ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि अब इंजीनियरों को रोज़मर्रा की कोडिंग (कम्प्यूटर प्रोग्राम लिखना) में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। उनका मानना है कि कम्प्यूटर की दुनिया में अब AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) इतना बढ़ गया है कि वह साधारण कोड लिखकर दे सकता है। इसीलिए इंजीनियरों को उस काम पर ध्यान देना चाहिए जो मशीन नहीं कर सकती, मतलब नए और मुश्किल समस्याओं का समाधान ढूंढना। उन्होंने यह बात “No Priors AI” नाम के एक पोडकास्ट में कही, जहां वह तकनीक और भविष्य के रुझानों पर बात कर रहे थे।
Nvidia क्या कंपनी है?
Nvidia दुनिया की एक बहुत बड़ी चिप निर्माता कंपनी है, विशेष रूप से ग्राफिक्स और AI कंप्यूटिंग के लिए मशहूर। यह कंपनी उसी तकनीक को विकसित करती है जो आज AI सॉफ्टवेयर और बड़े-बड़े मशीन लर्निंग सिस्टम को चलाती है। Jensen Huang खुद Nvidia के सह-संस्थापक और CEO हैं और सालों से तकनीक के भविष्य के बारे में बोलते आए हैं।
क्या उन्होंने सच में कहा “कोडिंग बंद करो”?
अगर सरल शब्दों में कहा जाए तो उन्होंने यह सुझाव दिया कि इंजीनियरों को अब बुनियादी कोड खुद लिखने में समय नहीं लगाना चाहिए। कोड लिखना पहले इंजीनियर का मुख्य काम था, लेकिन अब AI टूल्स जैसे Cursor आदि इंसानों की जगह उस कोड को लिख सकते हैं। इससे इंजीनियरों का समय ऐसे काम पर खर्च होगा जो AI अभी तक नहीं कर सकता। मकसद यह है कि इंसान रट्टा कोडिंग न करे, बल्कि रचनात्मक सोच और समस्या समाधान पर ध्यान दे।
AI औजार इंजीनियरों के लिए कैसे मददगार हैं
आज के समय में AI टूल्स इस काबिल हैं कि वे:
- रूटीन कोडिंग काम कर सकते हैं
- डिज़ाइन के हिस्सों को पूरा कर सकते हैं
- सिंटैक्स (कोड की भाषा) की ज़रूरतें खुद संभाल सकते हैं
इससे इंजीनियरों को समझदार और कठिन तकनीकी समस्याओं पर सोचने का समय मिल जाता है जो सिर्फ मशीन नहीं कर सकती।

उदाहरण के लिए, अगर कोई AI टूल तुरंत एक बेसिक कोड बना दे, तो इंजीनियर उस कोड को समझकर उसे बेहतर बना सकता है या नई तकनीकें जोड़ सकता है। यह इंसान-मशीन सहयोग का एक अच्छा उदाहरण है।
क्या इससे इंजीनियरों की नौकरियाँ खतरे में हैं?
यह सवाल आजकल बहुत उठ रहा है। कुछ लोग सोचते हैं कि AI कोड लिख सकता है तो इंसानी इंजीनियरों की ज़रूरत कम हो जाएगी। लेकिन Jensen Huang का कहना है बिल्कुल उलटा है। वे मानते हैं कि AI सिर्फ मददगार है, इंसान का स्थान नहीं ले सकता।
उनके अनुसार, मशीन केवल वही कर सकती है जो पहले से सीखा है। लेकिन नई तकनीक और बदलाव लाना इंसान का काम है। यह वही चीज़ है जिसमें इंजीनियरों की सोच, अनुभव और नवीनता काम आती है।
AI के उपयोग को लेकर अलग विचार भी हैं
दुनिया भर के AI एक्सपर्ट्स अलग-अलग राय रखते हैं। कुछ लोग मानते हैं कि AI के ज़्यादा उपयोग से इंजीनियरों को लाभ होगा, जबकि कुछ का मानना है कि कोडिंग की मूल समझ जरूरी है ताकि इंसान AI द्वारा दिए गए समाधान को सही तरह से लागू कर सके। यह दोनों विचार आज तकनीकी समुदाय में आम हैं।
भविष्य में इंजीनियरों का रोल क्या होगा?
अब आने वाले समय में इंजीनियरों का काम बदल सकता है। जहां पहले कोडिंग थी, अब शायद AI निर्देश देना, सिस्टम डिज़ाइन करना और जटिल समस्याओं का समाधान ढूंढना प्रमुख होगा। ऐसे समय में AI और इंसान के बीच तालमेल ज़रूरी है।
Jensen Huang की बात यह कहती है कि तकनीकी दुनिया में आगे बढ़ने के लिए सिर्फ मशीन पर निर्भर होना सही नहीं है, बल्कि इंसान की सोच और मशीन की क्षमता का संयोजन भविष्य का रास्ता है।
Nvidia के CEO Jensen Huang का यह विचार तकनीक की दिशा बदल सकता है। उन्होंने कहा है कि इंजीनियरों को कोड लिखने से हटकर बड़ी तकनीकी चुनौतियों पर ध्यान देना चाहिए और AI टूल्स का इस्तेमाल रूटीन कामों के लिए करना चाहिए। इससे इंजीनियरों का समय बचेगा और वे ऐसे समाधान निकाल पाएंगे जो आज तक संभव नहीं हुए हैं।
इस विचार से साफ़ होता है कि भविष्य में तकनीक केवल मशीन का खेल नहीं होगा, बल्कि इंसान और AI मिलकर नई तकनीकें विकसित करेंगे।






