WhatsApp की प्राइवेसी पर सवाल: क्या आपकी चैट वाकई सुरक्षित है? (Whatsapp Sued Over Encryption Claims)

January 27, 2026

Whatsapp Sued Over Encryption Claims

WhatsApp एक बार फिर विवाद में है। अमेरिका में WhatsApp के खिलाफ एक केस दर्ज किया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि ऐप एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का दावा करने के बावजूद यूज़र्स की प्राइवेट चैट तक पहुंच बना सकता है। इस खबर के बाद दुनियाभर में WhatsApp यूज़र्स के मन में चिंता बढ़ गई है।

लोग पूछ रहे हैं – क्या WhatsApp पर की गई बातें वाकई सिर्फ हमारे और सामने वाले तक ही सीमित रहती हैं?

एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का मतलब क्या होता है?

WhatsApp हमेशा से कहता आया है कि उसकी चैट एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होती है। इसका सीधा मतलब यह होता है कि जो मैसेज आप भेजते हैं, उसे सिर्फ आप और सामने वाला ही पढ़ सकता है।

यहां तक कि WhatsApp या उसकी पैरेंट कंपनी Meta भी उन मैसेज को नहीं देख सकती। यही वजह है कि लोग WhatsApp को सुरक्षित मानते हैं और इस पर पर्सनल से लेकर प्रोफेशनल बातें तक शेयर करते हैं।

केस में WhatsApp पर क्या आरोप लगाए गए हैं?

इस केस में आरोप लगाया गया है कि WhatsApp की टेक्नोलॉजी ऐसी है, जिससे कुछ हालात में यूज़र की प्राइवेट चैट तक पहुंच संभव हो सकती है। आरोप यह नहीं है कि किसी की चैट लीक हो चुकी है, बल्कि यह कहा गया है कि सिस्टम उतना सुरक्षित नहीं है, जितना दावा किया जाता है। यानी मामला डेटा चोरी से ज़्यादा, प्राइवेसी के भरोसे से जुड़ा है।

Meta ने आरोपों पर क्या कहा?

Meta ने इन सभी आरोपों को सख्त शब्दों में खारिज कर दिया है। कंपनी का कहना है कि ये दावे बिल्कुल गलत और बेबुनियाद हैं।

Whatsapp Sued Over Encryption Claims

Meta ने साफ कहा है कि WhatsApp की चैट आज भी पूरी तरह एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड है और कंपनी किसी भी यूज़र की निजी बातचीत नहीं पढ़ सकती। कंपनी के मुताबिक, यूज़र्स को घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

यूज़र्स के लिए यह मामला क्यों अहम है?

आज WhatsApp सिर्फ एक चैट ऐप नहीं रह गया है। भारत में करोड़ों लोग इस पर रोज़ाना पर्सनल बातें, ऑफिस की जानकारी, बिज़नेस डील्स और यहां तक कि बैंक से जुड़ी बातें भी शेयर करते हैं।

ऐसे में अगर ऐप की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं, तो भरोसा डगमगाना स्वाभाविक है। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि बड़ी टेक कंपनियों को प्राइवेसी को लेकर और ज़्यादा साफ और ईमानदार होना पड़ेगा।

क्या यूज़र्स को WhatsApp छोड़ देना चाहिए?

फिलहाल ऐसा कोई सबूत सामने नहीं आया है कि WhatsApp की वजह से यूज़र्स की चैट बाहर लीक हुई हो। लेकिन यह सच है कि डिजिटल दुनिया में कोई भी प्लेटफॉर्म 100% सुरक्षित नहीं होता।

यूज़र्स के लिए सबसे समझदारी भरा कदम यही है कि वे किसी भी ऐप पर बहुत संवेदनशील जानकारी शेयर करते समय सावधानी रखें। टेक्नोलॉजी सुविधा देती है, लेकिन समझदारी हमेशा ज़रूरी रहती है।

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