नई दिल्ली में AI Impact Summit 2026 नाम से शुरू हुआ यह कार्यक्रम 16 से 21 फरवरी तक चला और दुनिया भर की नज़रें इसी पर टिक गईं। इस समिट में दुनिया के लगभग 100 देशों के प्रतिनिधि, टेक्नोलॉजी कंपनियों के बड़े अधिकारी, नीति निर्माता और शोधकर्ता शामिल हुए, और भारत ने इस कार्यक्रम के जरिए खुद को AI के वैश्विक केंद्र के रूप में पेश किया।
समिट में निवेश और समझौते
सम्मेलन के दौरान जबरदस्त निवेश और समझौते भी सामने आए। भारत ने खुद को AI इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सॉल्यूशंस के लिए तैयार दिखाया। भारतीय कंपनियों के साथ-साथ विदेशी टेक दिग्गज भी बड़े निवेश की घोषणा कर रहे थे। इस आयोजन में कई कंपनियों ने भारत में नई तकनीक और डेटा संसाधन बनाने के लिए करोड़ों डॉलर के समझौते किए।
दिल्ली डेक्लरेशन: वैश्विक सहयोग की दिशा
इस समिट का एक अहम हिस्सा दिल्ली डेक्लरेशन था, जिस पर कई देशों के हस्ताक्षर होने की उम्मीद जताई गई। यह डेक्लरेशन AI के नैतिक, सुरक्षित और समावेशी उपयोग को लेकर संयुक्त प्रतिबद्धता का संदेश देता है, जिससे यह साफ होता है कि दुनिया AI के फायदे को साझा करना चाहती है और सीखना चाहती है कि इसे कैसे सुरक्षित और आदर्श रूप से लागू किया जा सकता है।
AI और वैश्विक समस्याएं
कार्यक्रम में सिर्फ निवेश और तकनीक ही नहीं, बल्कि वैश्विक मुद्दों पर चर्चा भी हुई। फ्रांस के राष्ट्रपति एमैन्युएल मैक्रों ने बच्चों की सुरक्षा और सोशल प्लेटफॉर्म्स पर नियमों की जरूरत पर जोर दिया। वहीं, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने हल्के अंदाज में कहा कि AI बहुत कुछ कर सकता है, लेकिन दिल्ली के ट्रैफिक को तुरंत ठीक नहीं कर सकता, जिससे यह भी दिखता है कि तकनीक और रोज़मर्रा की समस्याओं के बीच अभी भी संतुलन बनाना ज़रूरी है।
कुछ विवाद और घटनाएं
AI Summit के दौरान कुछ विवाद और विवादास्पद घटनाएं भी सुर्खियों में आईं। एक स्टार्टअप संस्थापक ने दावा किया कि उनके AI वियरेबल डिवाइस चोरी हो गए थे, और कुछ भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ‘शर्टलेस’ प्रदर्शन किया, जिसे लेकर दिल्ली पुलिस ने कानूनी कार्रवाई भी की। इन घटनाओं ने कार्यक्रम की गंभीरता में थोड़ी खलल डाली, लेकिन आयोजक इसे स्थिरता से आगे ले गए।
ट्रैफिक और परिवहन समस्याएं
सम्मेलन का असर सिर्फ तकनीकी मंडलों तक सीमित नहीं रहा। दिल्ली के कुछ हिस्सों में ट्रैफिक और यातायात की समस्याएं भी बढ़ीं, जिससे आम लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ीं। पुलिस प्रशासन ने कई मार्गों पर रोकें और परिवहन व्यवस्थाओं में बदलाव किए ताकि कम से कम अव्यवस्था हो सके।
AI Summit 2026 का वैश्विक प्रभाव
AI Summit 2026 ने यह संदेश दिया कि भारत अब AI की दुनिया में अकेला स्थान पाने की कोशिश नहीं कर रहा, बल्कि वैश्विक भागीदारी और वैश्विक जिम्मेदारी के लिए भी प्रतिबद्ध है। इसमें तकनीकी कंपनियों, सरकारी निकायों और वैश्विक नीति निर्माताओं ने मिलकर यह तय किया कि AI का उपयोग हर किसी के लिए लाभकारी, सुरक्षित और नैतिक ढंग से होना चाहिए।
समिट का समापन और भविष्य की दिशा
समिट के अंतिम दिनों में यह स्पष्ट हो गया कि यह सिर्फ एक तकनीकी कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह भविष्य की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सामाजिक दिशा को भी प्रभावित करेगा। निवेश, सहयोग, नीति और विवाद, सभी ने इस AI सम्मेलन को 2026 का सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी कार्यक्रम बनाया।







