नई दिल्ली AI समिट 2026: रिलायंस, अदानी और माइक्रोसॉफ्ट का बड़ा इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लान !!

नई दिल्ली में हाल ही में आयोजित India AI Impact Summit 2026 में दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर में अरबों डॉलर के निवेश का ऐलान किया है। इस सम्मेलन में भारत को वैश्विक तकनीक का बड़ा केंद्र बनाने की सोच साफ दिखी और कई कंपनियों ने बड़े- बड़े वादे किए। इस समिट का मकसद AI को सिर्फ तकनीक तक सीमित न रखना बल्कि रोज़मर्रा ज़िंदगी, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि जैसे क्षेत्रों में इसका इस्तेमाल बढ़ा कर एक नई तकनीकी दिशा देना है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज का बड़ा निवेश

सबसे बड़ा ऐलान रिलायंस इंडस्ट्रीज और उसकी यूनिट Jio की तरफ से आया। उन्होंने अगले सात सालों में लगभग 110 बिलियन डॉलर यानी करीब एक लाख करोड़ डॉलर से भी ज़्यादा निवेश करने का भरोसा दिया है। उनका लक्ष्य भारत में AI डेटा सेंटर, कंप्यूटिंग नेटवर्क और टेक इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है, जिससे भारत में डिजिटल बदलाव और तेजी आए।

अदानी ग्रुप का $100 बिलियन निवेश

भारत के दूसरे बड़े उद्योग अदानी ग्रुप ने भी $100 बिलियन का भारी निवेश करने की बात कही है। यह पैसा खास तौर पर ऐसे डेटा सेंटर बनाने में खर्च होगा जो टिकाऊ ऊर्जा (renewable energy) से चलते हैं। ऐसा हो जाने पर इससे एक 250 बिलियन डॉलर का बड़ा AI इकोसिस्टम भारत में तैयार होने की उम्मीद है।

माइक्रोसॉफ्ट का AI विस्तार

माइक्रोसॉफ्ट ने भी घोषणा की है कि वह 2030 तक Global South यानी उन देशों में AI के विस्तार के लिए कुल $50 बिलियन निवेश करेगी, जिसमें भारत एक प्रमुख हिस्सा है। कंपनी पहले ही भारत में $17.5 बिलियन निवेश कर चुकी है और अब अपनी प्रतिबद्धता को और बढ़ाना चाहती है।

Yotta का $2 बिलियन AI हब

इसके अलावा भारतीय डेटा सेंटर कंपनी Yotta ने भी $2 बिलियन से ज़्यादा का निवेश कर एक बड़ा AI हब तैयार करने की घोषणा की है, जहां सबसे एडवांस Nvidia के चिप्स का इस्तेमाल होगा। यह कदम भारत में AI की शक्ति को और बढ़ाने में मदद करेगा।

भारत में AI हब बनाने की दिशा

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने OpenAI को अपने Stargate डेटा सेंटर यूनिट का पहला ग्राहक बनाया है। इससे भारत की AI कंप्यूटिंग ताकत और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता और बढ़ेगी। लार्सन और टुब्रो (L&T) ने भी Nvidia के साथ मिलकर भारत का सबसे बड़ा AI फैक्टरी बनाने की योजना का ऐलान किया है। इस फैक्टरी में AI कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म और डेटा सेंटर का बड़ा नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे भारत में नई तकनीक की मांग पूरी हो सकेगी।

प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिबद्धता

भारत के Prime Minister Narendra Modi ने भी इस सम्मेलन में कहा कि AI को देश की विकास यात्रा का हिस्सा बनाना राष्ट्रीय प्राथमिकता है। उन्होंने जोर दिया कि भारत की डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे Aadhaar, UPI और देश में डिजिटल तकनीक की पहुंच AI के इस्तेमाल को और आसान बनाएगी।

AI को बढ़ावा देने के लिए सरकार की योजना

सरकार और उद्योग दोनों ने यह सुनिश्चित करने का वादा किया है कि AI के लिए सिर्फ मशीन और हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी नहीं है, बल्कि लोगों को इसे सीखने और इस्तेमाल करने के लिए स्किल ट्रेनिंग देना भी उतना ही ज़रूरी है। इससे देश में नई नौकरियाँ भी पैदा होंगी और नए स्टार्टअप्स को भी बढ़ावा मिलेगा।

भारत की डिजिटल ताकत

इस समिट में सिर्फ निवेश का ऐलान ही नहीं हुआ, बल्कि भारत को AI का ग्लोबल हब बनाने की दिशा पर भी जोर दिया गया। वैश्विक नेताओं और टेक विशेषज्ञों ने भी भारत की भूमिका को अहम बताया है। उनका मानना है कि भारत के पास डेटा की बड़ी मात्रा है और यहाँ AI को बड़े स्तर पर लागू करने का मौका है। इससे न सिर्फ भारत को फायदा होगा बल्कि दुनिया भर के लिए नए AI समाधान भी तैयार होंगे।

भारत के लिए अवसर

यह सम्मेलन यह संदेश देता है कि AI सिर्फ तकनीक नहीं बल्कि रोजगार, स्किल डेवलपमेंट और आर्थिक विकास का बड़ा साधन बन सकता है। जितना टेक इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार होगा, उतनी ही ज़रूरत इस बात की है कि युवाओं को AI के इस्तेमाल और विकास के लिए तैयार किया जाए। अगर यह कदम सही दिशा में चले तो भारत AI के क्षेत्र में दुनिया का अगला बड़ा खिलाड़ी बन सकता है।

 

Vishesh Pal

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Vishesh Pal is a content creator and writer who shares AI photo editing prompts, AI video editing tutorials, and useful digital tips.

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