सोचिए, पिछले महीने आपने एक फोन देखा था, बजट बनाया था, और सोचा था कि अगले महीने खरीद लेंगे। लेकिन जब खरीदने गए तो उसी फोन की कीमत 2,000 से 8,000 रुपये ज़्यादा हो चुकी थी। ये कोई दुकानदार की चालाकी नहीं है, ये एक बड़ा ग्लोबल संकट है, जिसकी वजह है Artificial Intelligence यानी AI।
असली मुजरिम कौन है?
दुनिया भर में AI का इस्तेमाल बेतहाशा बढ़ रहा है। ChatGPT, Gemini, और दूसरे AI टूल्स को चलाने के लिए जिस तरह की मेमोरी चाहिए, उसे HBM यानी High Bandwidth Memory कहते हैं। Samsung, SK Hynix और Micron जैसी कंपनियां जो RAM बनाती हैं, वो अब अपना ज़्यादातर उत्पादन AI चिप्स के लिए कर रही हैं। नतीजा? स्मार्टफोन के लिए RAM की भारी कमी हो गई है और कीमतें आसमान छू रही हैं, सिर्फ 3 महीनों में मेमोरी की कीमत करीब 300% तक बढ़ चुकी है।
Nothing के CEO Carl Pei ने साफ चेतावनी दी है कि 2026 के अंत तक मेमोरी मॉड्यूल की कीमत 5 गुना तक जा सकती है। उनका कहना है कि ब्रांड्स के सामने दो ही रास्ते हैं — या तो कीमत 30% बढ़ाओ, या फोन की specs घटाओ।
कौन-कौन से ब्रांड महंगे हुए?
Samsung ने जनवरी 2026 में अपनी A और F सीरीज़ के फोन महंगे किए, फिर मार्च में बजट Galaxy फोन की कीमतें फिर बढ़ाईं। Galaxy A06 5G जो पहले ₹10,499 में मिलता था, अब ₹13,499 का हो गया है। Galaxy F06 5G ₹7,999 से सीधे ₹11,499 पर आ गया।
OnePlus 15R को तो सिर्फ पांच महीनों में तीन बार महंगा किया गया। लॉन्च कीमत से यह अब ₹7,000 ज़्यादा का हो चुका है। OnePlus 15 में ₹5,000 की बढ़ोतरी हुई। OnePlus Nord 6 अब ₹38,999 की बजाय ₹42,999 का हो गया है।
Xiaomi ने पहले ही 2025 के अंत में चेताया था कि DRAM की लागत बढ़ने से 2026 में कीमतें 25% तक बढ़ सकती हैं। और हो भी यही रहा है, Redmi Note 15 Pro में ₹2,000 की बढ़ोतरी हुई, Redmi 15 5G ₹4,000 महंगा हो गया।
Nothing के फोन तो और भी तेज़ी से महंगे हुए। Nothing Phone (4a) Pro में ₹10,000 की बढ़ोतरी देखी गई, जबकि Phone (3a) Lite अब ₹22,999 से बढ़कर ₹27,999 का हो गया है।
क्या सिर्फ फोन ही महंगे हुए?
नहीं। यही RAM संकट अब Apple products और यहाँ तक कि Xbox gaming consoles को भी महंगा कर रहा है। Microsoft ने Xbox Series S की कीमत $299 से बढ़ाकर $499 कर दी है। Apple ने भी Mac, iPad, और Apple TV सहित अपने लगभग सभी प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ाई हैं, और भारत में यह बढ़ोतरी दूसरे देशों के मुकाबले 40% तक ज़्यादा है।
आगे क्या होने वाला है?
जानकारों का कहना है कि 2027 तक मेमोरी की कीमतें और दोगुनी हो सकती हैं। यानी जो फोन आज ₹20,000 में मिल रहा है, वो कल ₹25,000 का हो सकता है। अगर आप फोन खरीदने का सोच रहे हैं, तो शायद “अभी” सबसे सही समय है, “कल तक रुकना” महंगा पड़ सकता है।
आम आदमी के लिए सबक !
यह पूरा किस्सा एक बड़ी बात सिखाता है, टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक तरफ की तरक्की दूसरी तरफ का नुकसान बन सकती है। AI जितना बढ़ेगा, आपके स्मार्टफोन का बिल उतना ही बढ़ता जाएगा, कम से कम अगले कुछ सालों तक तो यही हाल रहने वाला है।






