गूगल ने विशाखापत्तनम में शुरू किया AI हब का निर्माण, 15 अरब डॉलर का बड़ा निवेश !

April 28, 2026

google starts construction of ai hub in andhra pradesh

गूगल (Google) ने भारत के आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम (Vizag) में अपने सबसे बड़े AI हब का निर्माण शुरू कर दिया है। यह प्रोजेक्ट सिर्फ भारत के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया‑प्रशांत के लिए टेक्नोलॉजी के मामले में एक नया मोड़ साबित होने वाला है।

इस ग्राउंडब्रेकिंग (भूमि पूजन) कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, और गूगल‑एडानी‑एयरटेल के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। इस मौके पर कहा गया कि यह निवेश भारत की डिजिटल क्षमताओं को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।

सबसे बड़ा विदेशी निवेश

गूगल ने इस प्रोजेक्ट में लगभग 15 अरब डॉलर (करीब ₹1.25 लाख करोड़) का निवेश करने का ऐलान किया है। यह राशि अगले 5 साल (2026–2030) में खर्च की जाएगी और भारत को AI और क्लाउड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित करेगी।

यह भारत में गूगल का अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश है। इतने बड़े पैमाने पर किसी टेक कंपनी का निवेश पहले कभी नहीं हुआ है। इससे न सिर्फ टेक्नोलॉजी का विकास होगा, बल्कि रोजगार और स्किल्ड नौकरियों के नए अवसर भी पैदा होंगे।

AI हब क्यों अहम है?

इस प्रोजेक्ट के तहत एक गिगावाट‑स्केल AI डेटा सेंटर और इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा। इसका मतलब है कि यहां पर बड़ी मात्रा में कंप्यूटिंग पॉवर, डेटा प्रोसेसिंग और AI ट्रेनिंग की सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। इससे क्लाउड सर्विसेज, स्वचालन (automation) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी सभी तकनीकें और भी तेज़ी से विकसित हो सकेंगी।

विशाखापत्तनम को चुना गया है क्योंकि यह भारत के पूर्वी तट पर स्थित है, जहां से इंटरनेट के लिए समुद्री केबिल (subsea cables) आसानी से जोड़ी जा सकती हैं। इस इलाके में बिजली, नेटवर्क और अन्य बुनियादी सुविधाएँ भी पर्याप्त हैं, जो बड़े डेटा सेंटर के काम आने के लिए जरूरी हैं।

स्थानीय और राष्ट्रीय महत्व

AI हब न सिर्फ बड़े कंपनियों के लिए फायदेमंद होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण और नौकरियों के अवसर दे कर क्षेत्र का समग्र विकास करेगा। इससे छोटे‑बड़े स्टार्ट‑अप्स को भी मदद मिलेगी और भारत AI विकसित देशों की सूची में ऊपर उठेगा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह कदम भारत को एक तकनीकी समर्थ देश बनाने की दिशा में बड़ा योगदान देगा। अब दुनिया भर की कंपनियाँ भारत को AI और क्लाउड कंप्यूटिंग का नया हब मानने लगेंगी।

एडानी‑एयरटेल की भूमिका

गूगल अकेला यह प्रोजेक्ट नहीं चला रहा है। इसके लिए AdaniConneX और Nxtra by Airtel जैसे बड़े भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स भी साथ हैं। ये कंपनियाँ डेटा सेंटर की इमारत, पावर सप्लाई, नेटवर्क और अन्य सुविधाओं को तैयार कर रही हैं।

इस साझेदारी से यह सुनिश्चित होगा कि भारत में टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर तरीके से विकसित हो और विदेशी निवेश के साथ‑साथ घरेलू कंपनियों को भी फायदा मिले।

आगे क्या होगा?

विशाखापत्तनम अब सिर्फ एक बंदरगाह शहर नहीं रहेगा, बल्कि AI और नवीन तकनीकों का केंद्र बन जाएगा। इस हब के बनने से भारत में डेटा‑सेंटर, क्लाउड कंप्यूटिंग, AI रिसर्च और स्टार्ट‑अप टेक्नोलॉजी का वातावरण और भी मजबूत होगा।

कुल मिलाकर यह परियोजना भारत के लिए डिजिटल भविष्य को मजबूत करने की तरफ एक बड़ा कदम है, जो आने वाले सालों में लाखों लोगों के जीवन पर असर डालेगा।

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