फ़ोन चोरी होते ही सबसे पहले किसी दूसरे फ़ोन से अपने नंबर पर कॉल कर के देखें और तुरंत ऑपरेटर की customer care पर कॉल करके SIM ब्लॉक कराएं। इसके बाद नज़दीकी थाने में FIR दर्ज कराएं और FIR की कॉपी लेकर Sanchar Saathi की CEIR वेबसाइट पर जाकर IMEI ब्लॉक करें। साथ ही Google/Apple अकाउंट से Find My Device खोलकर फ़ोन को Lock या Erase करें, और बैंक व UPI ऐप्स को कस्टमर केयर पर कॉल करके तुरंत ब्लॉक कराएं।
Introduction
फ़ोन चोरी होना सिर्फ एक डिवाइस खोना नहीं है – इसमें आपके बैंकिंग ऐप्स, UPI, WhatsApp, Photos और Google/Apple अकाउंट जैसी संवेदनशील चीज़ें भी शामिल होती हैं। इसलिए सही क्रम में और जल्दी काम करना बहुत ज़रूरी है। यह guide भारत के आधिकारिक तरीकों – जैसे पुलिस FIR, DoT के CEIR (Sanchar Saathi) पोर्टल और Google/Apple की Find My सर्विस – पर आधारित है। ध्यान रहे कि IMEI ब्लॉक करने के लिए पहले पुलिस complaint ज़रूरी है, इसलिए क्रम को छोड़ें नहीं।
Step 1 – तुरंत अपने नंबर पर कॉल करें
किसी दूसरे फ़ोन से अपने नंबर पर कॉल करें। अगर कोई जवाब देता है, तो शांति से बात करने की कोशिश करें। अगर फ़ोन बंद है या कोई जवाब नहीं देता, तो आगे के steps पर जाएं।
Step 2 – SIM तुरंत ब्लॉक कराएं
अपने टेलीकॉम ऑपरेटर (Jio, Airtel, Vi, BSNL) की customer care पर दूसरे नंबर से कॉल करें और SIM को तुरंत ब्लॉक करवाएं। इससे कोई भी आपके नंबर से OTP प्राप्त कर के बैंकिंग/UPI फ्रॉड नहीं कर पाएगा। बाद में उसी नंबर की duplicate SIM ली जा सकती है।

Step 3 – नज़दीकी थाने में FIR दर्ज कराएं
CEIR पर IMEI ब्लॉक करने के लिए police complaint/FIR ज़रूरी शर्त है। थाने में शिकायत दर्ज कराते समय ये जानकारी साथ रखें:
- फ़ोन का ब्रांड और मॉडल
- IMEI नंबर (बॉक्स/बिल पर या *#06# डायल करके निकाला हुआ)
- चोरी होने की जगह, तारीख़ और समय
- खरीद की रसीद/इनवॉइस, अगर उपलब्ध हो
कई राज्यों में e-FIR या ऑनलाइन शिकायत की सुविधा भी उपलब्ध है, इसलिए राज्य पुलिस की वेबसाइट भी देखी जा सकती है।
Step 4 – CEIR (Sanchar Saathi) पर IMEI Block करें
FIR दर्ज होने के बाद Department of Telecommunications के Sanchar Saathi पोर्टल पर जाकर IMEI ब्लॉक करने का request डालें। इसके लिए फ़ोन की डिटेल्स, IMEI नंबर और FIR/complaint नंबर देना होता है। रिक्वेस्ट सफलतापूर्वक सबमिट होने के बाद फ़ोन आमतौर पर 24 घंटे के भीतर ब्लॉक हो जाता है, जिसके बाद वह भारत में किसी भी नेटवर्क पर इस्तेमाल नहीं हो सकता – SIM बदलने पर भी नहीं। ध्यान दें कि ब्लॉक होने से फ़ोन locate नहीं होता, यह सिर्फ इस्तेमाल रोकता है।
अगर फ़ोन बाद में मिल जाए, तो पहले पुलिस को सूचित करें कि डिवाइस मिल गया है, उसके बाद उसी पोर्टल पर Request ID की मदद से IMEI को अनब्लॉक कराया जा सकता है।
Step 5 – Google Find My Device या Apple Find My से Locate/Lock/Erase करें
Android: किसी भी ब्राउज़र से android.com/find खोलें, अपने Google अकाउंट से लॉगिन करें और Locate, Secure Device (Lock) या Erase Device का विकल्प इस्तेमाल करें।
iPhone: icloud.com/find पर जाकर अपनी Apple ID से लॉगिन करें और Lost Mode चालू करें, फ़ोन locate करें या ज़रूरत पड़ने पर Erase iPhone इस्तेमाल करें।
अगर डेटा वापस पाने की उम्मीद कम है और सुरक्षा प्राथमिकता है, तो Lock/Lost Mode के बाद Erase करना बेहतर विकल्प है ताकि कोई आपका डेटा एक्सेस न कर सके।

Step 6 – बैंक अकाउंट, कार्ड और UPI तुरंत सुरक्षित करें
- अपने बैंक की customer care को कॉल करके डेबिट/क्रेडिट कार्ड ब्लॉक कराएं और नेट बैंकिंग व मोबाइल बैंकिंग को अस्थायी रूप से डिसेबल कराने के लिए कहें।
- UPI ऐप्स (जैसे PhonePe, Google Pay, Paytm) में जिस नंबर पर UPI रजिस्टर था, उसकी SIM ब्लॉक होते ही ज़्यादातर मामलों में OTP आधारित एक्सेस अपने आप मुश्किल हो जाता है, फिर भी बैंक को सूचित करना ज़रूरी है।
- अगर पहले से किसी लेन-देन में पैसा कट चुका है, तो राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करें – यह भारत में साइबर फाइनेंशियल फ्रॉड की रिपोर्टिंग के लिए बनाई गई है।इसके साथ ही cybercrime.gov.in पोर्टल पर औपचारिक शिकायत दर्ज करें।
Step 7 – WhatsApp, Email और अन्य अकाउंट्स सुरक्षित करें
- किसी दूसरे फ़ोन में अपना नंबर डालकर WhatsApp इंस्टॉल करें – इससे चोरी हुए फ़ोन पर WhatsApp अपने आप लॉग आउट हो जाता है।
- Gmail/Email अकाउंट में जाकर “Manage Devices” या “Recent Activity” से चोरी हुए फ़ोन को साइन आउट करें और पासवर्ड बदल दें।
- Social media ऐप्स (Instagram, Facebook) में भी लॉग-इन डिवाइस लिस्ट चेक करके unknown device को remove करें।
Step 8 – Second-hand फ़ोन खरीदते समय सावधानी
अगर आप बाद में कोई पुराना/सेकंड-हैंड फ़ोन खरीद रहे हों, तो CEIR की IMEI Verification सुविधा से SMS या पोर्टल के ज़रिए डिवाइस का स्टेटस पहले जांच लें, और ब्लॉक/डुप्लीकेट IMEI वाला फ़ोन कभी न खरीदें।

आम समस्याएं
फ़ोन बंद दिखा रहा है, तो क्या ट्रैक हो सकता है? IMEI ब्लॉक होने के बाद भी पुलिस जांच के दौरान डिवाइस को ट्रैक कर सकती है; यह सिर्फ आम यूज़र के लिए ट्रैकिंग सुविधा नहीं है।
IMEI नंबर नहीं पता, अब क्या करें? मोबाइल के बिल/इनवॉइस, बॉक्स पर या ऑपरेटर के रिकॉर्ड से IMEI नंबर निकाला जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल : निष्कर्ष
फ़ोन चोरी होने पर घबराने की बजाय क्रम से काम करना सबसे ज़रूरी है – पहले SIM ब्लॉक, फिर FIR, फिर CEIR पर IMEI ब्लॉक, साथ ही Find My Device और बैंकिंग ऐप्स की सुरक्षा। अगर पैसों का नुकसान हुआ है तो 1930 पर कॉल करने में देरी न करें। भविष्य के लिए अपने फ़ोन का IMEI नंबर और खरीद की रसीद हमेशा सुरक्षित जगह पर नोट करके रखें।
FAQs
1. CEIR पर IMEI ब्लॉक करने में कितना समय लगता है?
आमतौर पर रिक्वेस्ट सबमिट करने के 24–48 घंटे के भीतर फ़ोन सभी नेटवर्क पर ब्लॉक हो जाता है।
2. क्या FIR के बिना CEIR पर ब्लॉक रिक्वेस्ट डाली जा सकती है?
नहीं, CEIR पोर्टल के ज़रिए फ़ोन ब्लॉक करने से पहले स्थानीय पुलिस में FIR दर्ज कराना ज़रूरी शर्त है।
3. फ़ोन चोरी होने पर पैसे कटने की शिकायत कहां करें?
राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें, यह साइबर फाइनेंशियल फ्रॉड रिपोर्टिंग के लिए बनाई गई है।
4. फ़ोन मिल जाने पर IMEI अनब्लॉक कैसे करें?
पहले पुलिस को सूचित करें कि फ़ोन मिल गया है, इसके बाद पोर्टल पर उसी रिक्वेस्ट फॉर्म से IMEI अनब्लॉक कराया जा सकता है।